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Indian Women & Choosing Yourself

  Indian Women & Choosing Yourself  खुद को चुनना इतना मुश्किल क्यों लगता है? खुद को चुनना—सुनने में simple लगता है। लेकिन कई भारतीय महिलाओं के लिए यह सबसे डरावना फैसला बन जाता है। क्योंकि जब कोई महिला खुद को चुनती है कोई नाराज़ हो जाता है कोई disappointed हो जाता है कोई उसे selfish कह देता है तो सवाल उठता है— क्या खुद को चुनना वाकई गलत है? या हमें ऐसा महसूस करना सिखाया गया है? यह ब्लॉग Indian Women Healing Series का finale है— जहाँ हम उस core belief तक पहुँचते हैं जिसने सबको जोड़े रखा: Self‑abandonment = love खुद को चुनने का मतलब क्या है? खुद को चुनने का मतलब यह नहीं कि आप रिश्ते तोड़ दें आप insensitive बन जाएँ आप अकेले ही रहें खुद को चुनने का मतलब है: अपनी ज़रूरतों को मान्यता देना अपनी boundaries का सम्मान करना अपनी आवाज़ को suppress न करना Self‑choice = self‑respect खुद को चुनना इतना मुश्किल क्यों होता है? Childhood conditioning कई महिलाओं को सिखाया गया: “पहले दूसरों का सोचो” “अच्छी लड़कियाँ खुद को पीछे रखती हैं” इससे self‑choice guilt trigger बन गया।  Love = sacrif...

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