Indian Women and Emotional Labor

 Indian Women and Emotional Labor

वो ज़िम्मेदारी जो महसूस होती है, लेकिन गिनी नहीं जाती

भारतीय महिलाओं की ज़िंदगी सिर्फ़ काम और ज़िम्मेदारियों से नहीं भरी होती —
उसमें एक ऐसा बोझ भी होता है,
जिसका नाम शायद कभी किसी ने रखा ही नहीं।


इसे कहते हैं Emotional Labor

ये वो काम है
जो दिखाई नहीं देता,
लेकिन थकान सबसे ज़्यादा देता है।

Emotional labor का मतलब है —
दूसरों की भावनाओं का ख्याल रखना,
उनकी ज़रूरतें समझना,
उनका मूड संभालना,
और रिश्तों को emotionally “चलाते रहना”।

भारतीय महिलाओं से अक्सर ये उम्मीद की जाती है कि:

वो सबको समझें, सबको संभालें, सबको जोड़कर रखें, और फिर भी complaint न करें


 Indian Women घर की Emotional Manager

एक Indian woman सिर्फ़ घर का काम नहीं करती —
वो घर की emotional manager होती है।

उसे पता होता है

किस बात पर कौन नाराज़ होगा । किस दिन कौन-सा topic नहीं उठाना ,।किस रिश्ते में कब compromise करना है।

वो सबकी feelings का ध्यान रखती है,
पर अक्सर कोई उसकी feelings नहीं पूछता।


“तुम तो समझदार हो” — सबसे भारी लाइन

भारतीय समाज में महिलाओं को जल्दी mature बना दिया जाता है।

“तुम समझदार हो”
असल में इसका मतलब होता है

तुम adjust कर लो, तुम emotional load उठा लो,तुम खुद को पीछे रख लो समझदारी के नाम पर

महिलाओं से बहुत कुछ सहने की उम्मीद रखी जाती है।


Emotional Labor क्यों Invisible रहता है?

क्योंकि इसे duty मान लिया गया है

इसे “औरत का स्वभाव” कह दिया गया है, और क्योंकि ये प्यार के नाम पर किया जाता है

लेकिन प्यार का मतलब
खुद को emotionally exhaust करना नहीं होता।


इसका असर महिलाओं पर क्या पड़ता है?

लगातार emotional labor करने से ,महिलाएँ emotionally drained हो जाती हैं

  • उन्हें guilt feel होता है जब वो खुद के लिए कुछ चाहती हैं ,वो थक जाती हैं, लेकिन वजह explain नहीं कर पातीं

कई महिलाएँ कहती हैं

“मुझे पता नहीं मैं इतनी थकी क्यों हूँ… मैंने तो कुछ किया ही नहीं।”

असल में उन्होंने बहुत कुछ किया होता है 
बस वो दिखाई नहीं देता।


क्या इसका मतलब महिलाएँ प्यार करना छोड़ दें?

नहीं।
लेकिन balance ज़रूरी है।

Healthy relationship वो होता है जहाँ

  • emotions एक तरफ़ा नहीं उठाए जाते

  • care mutual होती है

  • और woman सिर्फ़ giver नहीं होती


एक ज़रूरी सवाल

अगर एक महिला

  • सबका ख्याल रख रही है

  • सबको emotionally hold कर रही है

तो सवाल ये है 
उसका ख्याल कौन रख रहा है?

Indian women strong हैं,

लेकिन strength का मतलब
हमेशा सहते रहना नहीं होता।

कभी-कभी strength ये होती है कि

  • अपनी थकान को नाम दिया जाए

  • अपने emotions को valid माना जाए

  • और ये स्वीकार किया जाए कि
    जो बोझ दिखता नहीं, वो भी बोझ ही होता है।


हिमानी भारद्वाज


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