अकिंचन
डर ने मेरा परिचय
साहस से करा दिया।
अकिंचन मैं हार जाती।
मुझे जीत से मिला दिया।डरने मेरा परिचय
सामर्थ्य से करा दिया।
अकिंचन मैं पलायन करती
मेरी हर उलझन को सुलझाए दिया।
डर ने मेरा परिचय।
सामंजस्य करा दिया।
अकिंचन मैं अकेली होती
मुझे मिल कर रहना सिखा दिया।
डरने मेरा परिचय।
विद्वत्ता से करा दिया
अकिंचन मैं अज्ञानी होती
मुझे ज्ञान की राह पर बढ़ा दिया।. डर ने मेरा परिचय
मुझसे ही करा दिया
अकिंचन खुद को न पहचानती।
मुझे मुझसे ही मिला दिया।
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उत्तम कृति
जवाब देंहटाएंBrilliant piece of writing revealing the conundrum of life.
जवाब देंहटाएंGood
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